बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के थाना जहांगीराबाद क्षेत्र में चिकित्सक की लापरवाही से डिलीवरी के दौरान नवजात शिशु की गर्दन धर से अलग हो गई। नवजात शिशु की गर्दन महिला के गर्भाशय में ही रह गई। पीड़ित परिजनों की शिकायत के बाद बुलंदशहर के थाना जहांगीराबाद पुलिस ने दाई जमीला और आशा रुपवती पर मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आपको बता दें कि 25 जनवरी को एक गर्भवती महिला को बहला-फुसलाकर अवैध केंद्र जो कि आरोपी दाई का घर है, पर ले जाया गया था। आरोप है कि जबरन प्रसव कराने के दौरान जब विफलता हाथ लगी तो आरोपियों ने नवजात की गर्दन काट दी, जिससे उसका धड़ वाला हिस्सा बाहर आ गया और गर्दन अंदर ही रह गई। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा किया था और कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही नवजात का अंतिम संस्कार किया गया। जच्चा की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
जहांगीराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विपिन सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई है। यह टीम अवैध प्रसव के तौर-तरीकों, संलिप्त लोगों और विभाग की चूक की गहराई से जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि घटना में संलिप्त आरोपी आशा कार्यकर्ता रूपवती की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विभाग ने ग्राम प्रधान अजीत गिरी से बातचीत कर ग्राम स्तर पर बैठक बुलाकर सेवा समाप्ति का प्रस्ताव पारित करने को कहा है, जिस पर प्रधान ने सहमति जता दी है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नई बस्ती स्थित उस मकान को भी सील कर दिया है, जहां आरोपी दाई जमीला लंबे समय से अवैध तरीके से प्रसव करवाती थी।
सीओ अनूपशहर विकास प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी दाई जमीला और आशा रूपवती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने पूछताछ के लिए आशा के पति को हिरासत में लिया है। सीएमओ को पत्र भेजकर इस पूरे नेटवर्क की जांच की मांग भी की है।
डिलीवरी के दौरान बच्चे का सिर धड़ से अलग करने के मामले में दाई का मकान सील, आशा का पति हिरासत में
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