बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि यानी 24 फरवरी से होलाष्टक शुरु होगा। अब आठ दिनों (तीन मार्च फाल्गुन पूर्णिमा) तक मांगलिक कार्य ठप हो जाएंगे। विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन, नामकरण सहित आदि नहीं होंगे। होली के बाद मांगलिक कार्य शुरु होंगे। होलिका दहन दो मार्च को होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के आठ दिनों में ग्रहों की स्थिति उग्र मानी जाती हैं। इसके चलते मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह काल आत्मशुद्धि, ,संयम, जप-तप और ईश्वर आराधना के लिए फलदायी हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि देश के सभी पंचांगों में होलाष्टक का उल्लेख हैं। धर्म व शास्त्र के अनुसार इस काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल पक्ष की सप्तमी के समापन 24 फरवरी को सुबह 7:30 बजे होगी।
24 फरवरी से तीन मार्च तक होलाष्टक
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