बुलंदशहर जययात्रा: जनपद बुलंदशहर के थाना अहमदगढ़ क्षेत्र के गांव सोरखा में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया उप स्वास्थ्य केंद्र आज बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस भवन का निर्माण ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से किया गया था, वह आज डॉक्टरों और मरीजों से नहीं बल्कि गोबर के उपलों और लकड़ियों से भरा पड़ा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण के बाद आज तक न तो कोई डॉक्टर तैनात हुआ और न ही कोई स्वास्थ्यकर्मी यहां पहुंचा। नतीजा यह हुआ कि करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है और गांव के लोगों को इलाज के लिए आज भी दूर-दराज के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं देता। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार जहां एक ओर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। उप स्वास्थ्य केंद्र की हालत देखकर यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? अगर समय रहते यहां डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती नहीं हुई, तो यह भवन पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो जाएगा।
अहमदगढ़: उप स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज की जगह लकड़ी व सुखाए जा रहे उपले
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