बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर की बेटी शिखा ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर आईएएस में चयनित होकर जिले का नाम रोशन कर दिया। जैसे ही इस बड़ी उपलब्धि की खबर घर पहुंची, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। सबसे भावुक पल तब देखने को मिला जब शिखा के दादा अपनी पोती की सफलता की खबर सुनकर खुशी के आंसू रोक नहीं पाए।
शिखा की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनका परिवार साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनके दादा एक समय चपरासी के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनके पिता भी एक इंटर कॉलेज में चपरासी के रूप में नौकरी कर रहे हैं। शिखा ने दिन-रात मेहनत कर यूपीएससी में 113वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को सच कर दिखाया। बताया जा रहा है कि शिखा बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रही हैं और उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करने का था। लगातार संघर्ष और कई वर्षों की तैयारी के बाद आखिरकार उन्होंने IAS बनकर अपने परिवार के साथ-साथ पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया।
शिखा की इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। गांव और आसपास के लोग उनके घर पहुंचकर परिवार को बधाई दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि शिखा ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। बुलंदशहर की इस बेटी ने अपनी सफलता से न केवल अपने परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि जिले का नाम भी देशभर में रोशन कर दिया है।
बुलंदशहर: चपरासी दादा-पिता की बेटी शिखा ने IAS बनकर रचा इतिहास
RELATED ARTICLES



