बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के थाना खुर्जा क्षेत्र के गांव अरनिया के रहने वाले वरिष्ठ लिपिक हरेंद्र चौहान ने फर्रुखाबाद जिले के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल से रिश्वत ली। विजिलेंस टीम ने हरेंद्र चौहान को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया जिसके बाद एसपी आरती सिंह ने रिश्वतखोर वरिष्ठ लेखाकार हरेंद्र चौहान को निलंबित कर दिया है।
आपको बता दें कि फर्रुखाबाद जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा अनुभाग में तैनात एक वरिष्ठ लिपिक ने हेड कांस्टेबल से यात्रा भत्ता (टीए) पास करने की एवज में 15 हजार रूपए की रिश्वत मांगी। हेड कांस्टेबल ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के सीओ राजन कुमार रावत से शिकायत की। शिकायत के आधार पर विजिलेंस की छह सदस्यीय टीम ने गुरुवार को एसपी कार्यालय का निरीक्षण किया और शुक्रवार को हेड कांस्टेबल को तय रकम देकर हरेंद्र चौहान के पास भेज दिया जैसे ही लिपिक ने रुपए लेकर गिनने चालू किए तभी विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस ले जाया गया जहां करीब तीन घंटे तक उससे पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद विजिलेंस टीम हरेंद्र चौहान को अपने साथ ले गई। जानकारी के अनुसार, लिपिक हरेंद्र चौहान बुलंदशहर जिले के खुर्जा का मूल निवासी हैं, जबकि वर्तमान में उसका परिवार मेरठ जिले के सदर कोतवाली के मोहल्ला कृष्णा नगर में किराए के मकान पर रह रहा है। वरिष्ठ लेखाकार हरेंद्र चौहान को निलंबित कर दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।
फर्रुखाबाद: बुलंदशहर निवासी रिश्वतखोर लेखाकार को किया निलंबित
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