बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा):जनपद बुलंदशहर में कोहरे की दस्तक और ठंड में इजाफे ने जहां आम जनजीवन को ठिठुरन में डाल दिया है, वहीं गेहूं उत्पादक किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। मौसम का यह बदला मिजाज गेहूं की फसल के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में ऐसा ही ठंडा और कोहरे वाला मौसम बना रहता है तो गेहूं की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। ठंड और नमी से गेहूं के पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं, जिससे बालियों का विकास अच्छा होता है। हालांकि, यह मौसम सभी फसलों के लिए अनुकूल नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक कोहरा और ठंड आलू और सरसों की फसल पर विपरीत असर डाल सकती है। आलू में झुलसा रोग और सरसों में फूल झड़ने की आशंका बढ़ सकती है, जिससे किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
कोहरे की चादर में खिली उम्मीदें: ठंड बनी गेहूं किसानों के लिए वरदान
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