बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): फाल्गुन पूर्णिमा पर 03 मार्च मंगलवार को सिंह राशि, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगने वाला चन्द्रग्रहण भारत में दृश्य होगा। अतः ग्रहण का सूतक भी मान्य होगा भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष ज्योतिर्विद पं0 के0 सी0 पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 02 मार्च सायंकाळ 5.55 बजे से प्रारम्भ होकर 03 मार्च को दोपहर बाद 5.07 बजे तक है चन्द्रग्रहण अपरान्ह 3.20 बजे से प्रारम्भ होकर 6.47 बजे तक रहेगा इसीलिए सूतक सुबह 6.20 बजे से मान्य होगा बुलंदशहर और दिल्ली के आस पास चन्द्रोदय सायं 6.19 बजे होगा अतः यह ग्रस्तोदय चन्द्रग्रहण होगा जो 28 मिनट तक विशेष प्रभाव वाला दृश्य रहेगा यह ग्रहण सिंह, वृष, कर्क, कन्या, मकर राशि के लिए नकारात्मक प्रभाव वृश्चिक, धनु, कुम्भ राशि के लिए मिश्रित तथा मेष, मिथुन, तुला, मीन राशि के लिए सामान्य शुभ रहेगा, पूर्वाफाल्गुनी, मघा, रोहिणी व ज्येष्ठा नक्षत्र ने जन्मे लोगों को भी नकरात्मकता से बचने के लिए उपाय करना चाहिए, ग्रहण काल में गर्भवती स्त्रियों को विशेष सावधानी रखना चाहिए इस दौरान काटना, छिलना, सिलाई आदि कार्य नहीं करना चाहिए ग्रहण में सोना भी नहीं चाहिए ग्रहणकाल में मंत्रजप, हवन करने से कई गुना अधिक लाभ प्राप्त होता है विशेषरूप से गंगा नदी या नदी के किनारे सभी राशि वालों को चन्द्रमा के मंत्र ‘ॐ सों सोमाय नम:’ या ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नम:’ तथा राहु, केतु के साथ साथ अपने राशि व इष्टदेवता के मंत्रो का जप भी अवश्य करना चाहिए, गंगास्नान एवं समुद्र स्नान की विशेष महिमा है यदि संभव ना हो तो घर भी मंत्रजप व गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते है, भगवान विष्णु व शिवजी के मंत्रो का जप, महामृत्युँजय मंत्र, सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा पढ़ सकते है, सूतक लगने से पूर्व घर में रखें सामान में तुलसीपत्र, क़ुश, तिल, गंगाजल डालकर रखने से ग्रहण का दोष नहीं लगता यदि सूतक से पूर्व ना कर पाए तो ग्रहण से पूर्व अवश्य करें, जिस राशि या नक्षत्र पर ग्रहण लगा हो उन्हें स्वर्ण नाग, चाँदी का चन्द्रमा, वस्त्र द्रव्य दक्षिणा के साथ योग्य ब्राह्मण को दान करना चाहिए, सूतक अथवा ग्रहणकाल समय में होलिका से सम्बंधित उपाय कर सकते है अधिक लाभ होगा परन्तु ग्रहणकाल में रंग खेलने से बचें, सायंकाळ 6.47 पर ग्रहण मोक्ष के बाद पूजा पाठ तथा रंग ग़ुलाल खेल सकते है.
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