बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र में 8 साल पुराने चर्चित हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बेटे की हत्या के बाद न्याय के लिए दर-दर भटक रहे पिता की लंबी लड़ाई आखिर रंग लाई और कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।
आपको बता दें कि मामला अनूपशहर थाना क्षेत्र के गांव रूढ़ बांगर का है। गांव निवासी सत्यदेव के बेटे जोगेंद्र की मोटरसाइकिल से गांव के ही प्रवीन नामक युवक को टक्कर लग गई थी जिसमें उसका पैर टूट गया था। इसी रंजिश को लेकर 10 जुलाई 2016 को प्रवीन लाल, कुलवीर, छोटे और लाला जोगेंद्र को शौच जाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गए। आरोप है कि चारों ने मिलकर जोगेंद्र की हत्या कर दी और बाद में शव को पेड़ पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। परिजनों का आरोप था कि शुरुआत में पुलिस ने मामले को हत्या मानने के बजाय आत्महत्या साबित करने का प्रयास किया और मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया। बेटे को न्याय दिलाने के लिए पिता सत्यदेव ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार गौर ने की। जांच में हत्या के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अब अनूपशहर कोर्ट ने प्रवीन लाल, कुलवीर, छोटे और लाला को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
8 साल बाद मिला इंसाफ: बेटे की हत्या कर पेड़ पर लटकाया था शव, चार दोषियों को उम्रकैद
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