बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): देवबंद में बुलंदशहर निवासी द्वारा दसवीं की फर्जी मार्कशीट के आधार पर डाक विभाग में सरकारी नौकरी पाने का मामला सामने आया है जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हाई स्कूल की फर्जी मार्कशीट के आधार पर डाक विभाग में सरकारी नौकरी पाने का सनसनीखेज मामले सामने आया है। इसके बाद मामले में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बुलंदशहर के गांव सैदपुर निवासी नवनीत कुमार ने 1 जनवरी 2023 को ग्रामीण डाक के सेवक भर्ती के तहत देवबंद के घलौली गांव स्थित डाकघर में शाखा डाकपाल के पद के लिए आवेदन किया था। इसके पश्चात हाई स्कूल के अंकों के आधार पर उसका चयन हुआ और 31 जुलाई 2023 को नियुक्ति मिली। इसी बीच कर्मचारियों की सेवा फाइल की जांच की गई। 12 नवंबर 2025 को हुई जांच के दौरान पता चला कि नवनीत कुमार की हाई स्कूल अंक तालिका का बोर्ड से सत्यापन नहीं कराया गया था। जांच में डाक विभाग में जमा अंक तालिका में जन्मतिथि 20 जुलाई 2002 जबकि यूपी बोर्ड के रिकॉर्ड में 27 जुलाई 2002 दर्ज मिली। इसके बाद जब मार्कशीट को सत्यापन के लिए भेजा गया तो कॉलेज और बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में मार्कशीट को फर्जी बताया। उसके बाद मामले में बुलंदशहर निवासी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर फर्जी मार्कशीट आई कैसे?
देवबंद: फर्जी मार्कशीट के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले बुलंदशहर निवासी युवक पर मुकदमा
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