बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर में कई ऐसी दुकान, अस्पताल और शॉपिंग कंपलेक्स बेसमेंट में बने हुए हैं। जोकि नियमों की विपरीत चल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गुलावठी थाना कोतवाली के ठीक सामने स्थित ‘गंगोत्री बच्चों के अस्पताल’ का है। यह अस्पताल बेसमेंट में बना हुआ है। बेसमेंट में बने और नियमों के विपरीत धड़ल्ले से चल रहे इस अस्पताल में आ रहे मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों की भी जान पर खतरा मंडरा रहा है। अगर कोई बड़ा हादसा होता है तो क्या इस हादसे की जिम्मेदारी अधिकारी अपने कंधों पर लेंगे? मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कार्यवाही करनी चाहिए।
आपको बता दें कि अस्पताल 24 घंटे इमरजेंसी और भर्ती सुविधा प्रदान करता है, लेकिन गुलावठी क्षेत्र में स्थित गुलावठी कोतवाली के ठीक सामने बेसमेंट में बना ‘गंगोत्री बच्चों का अस्पताल’ कुछ ओर ही कहानी बयां कर रहा है।
बताते चलें कि दिल्ली में बेसमेंट में हुए हादसे के बाद विभाग पूरी तरह अलर्ट है। बेसमेंट में हादसे के बाद जगह-जगह बेसमेंट में बनी दुकानों, अस्पतालों और अन्य चीजों पर विभाग ने कार्यवाही की, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे अस्पताल और दुकाने बेसमेंट में बनी हुई है जिनका संचालन नियमों के विपरीत धड़ल्ले से हो रहा है।
बात करें गुलावठी थाने के सामने बने बेसमेंट की
थाने में अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन उसके सामने बने बेसमेंट में ‘गंगोत्री बच्चों का अस्पताल’ की ओर कोई ध्यान नहीं देता। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह बच्चों का अस्पताल विभाग की सांठगांठ से चल रहा है। अगर अस्पताल में कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? बेसमेंट में बने ‘गंगोत्री बच्चों का अस्पताल’ की जांच कर विभाग को मामले में कार्यवाही करनी चाहिए।
गुलावठी: बेसमेंट में चल रहे ‘गंगोत्री बच्चों का अस्पताल’ पर कब होगी कार्यवाही?
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