बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र में हुई 30 वर्षीय छोटू निवासी गांव लखावटी बुलंदशहर की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक के पिता महेंद्र सिंह की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मृतक की पत्नी रेनू, साले भूरा पुत्र रामकिशन निवासी कलाखुरी थाना खुर्जा देहात जनपद बुलंदशहर और दोस्त किशन पुत्र कंछी लाल निवासी लखावटी मोहल्ला शिकारपुर जनपद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्षय के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। घटना के पीछे पारिवारिक कलह मानी जा रही है।
मृतक छोटू, गढ़ के स्याना रोड पर स्थित दादू ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता था। छोटू ईंट-भट्टे पर बने कमरों में अपनी पत्नी रेणु, साले भूरा और अपनी दो बेटी व एक बेटे के साथ रहता था। छोटू ने रेणु की पिटाई कर दी। इसके बाद रेनू का भाई भूरे आग बबूला हो गया और उसने अपने जीजा को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने साथी किशन का सहारा लिया और उसे बुलाया। रेणु की पिटाई करने के बाद छोटू भट्टे पर ही रुक गया।
मौका देखकर रेनू, भूरे और कृष्ण ने मिलकर बुधवार की रात आठ छोटू की मफलर की मदद से गला घोटकर हत्या कर दी और शव कमरे से 10 कदम की दूरी पर फेंक दिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुकदमा पंजीकृत किया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया जिनके कब्जे से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मफलर भी बरामद किया है।
किसी को शेख ना हो ऐसे में भूरे ने अपनी बहन और दोस्त को भेज दिया। रात भर शव की निगरानी करता रहा। सुबह 7:00 उसने दादू भट्टा स्वामी को छोटू के फांसी का फंदा लगा होने की सूचना दी। उसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू की तो असलियत का पता चला। पुलिस ने तीन आरोपियों को बागड़पुर तिराहा से गिरफ्तार किया है।
गला घोटकर की थी भट्ठा मजदूर की हत्या, पत्नी व साले समेत तीन गिरफ्तार
RELATED ARTICLES



