बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर की जेल में बंद एक आरोपी की मानसिक हालत अचानक बिगड़ गई। पुलिस ने उसे मेरठ के मेडिकल में भर्ती कराया है। मामले में परिजनों ने थाना शिकारपुर पुलिस पर पिटाई करने और जेल प्रशासन पर बीमारी की सूचना नहीं देने का आरोप लगाया है। जेल अधीक्षक मंगलानी का कहना है कि आरोप निराधार है। बंदी की पत्नी शालू को फोन पर हायर सेंटर रेफर होने की सूचना उसने स्वयं दी थी जिसका रिकॉर्ड मौजूद है।
आपको बता दें कि थाना खुर्जा की प्रीत विहार कॉलोनी निवासी अनिल राघव ने बताया कि थाना शिकारपुर में राधा कृष्ण मोहल्ला निवासी विशाल कौशिक ने अपनी पिस्टल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सात दिसंबर को शिकारपुर थाना क्षेत्र के तीन उपनिरीक्षक मामले में अनिल के छोटे भाई शीलेंद्र राघव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके अगले दिन थाना शिकारपुर पुलिस ने अनिल के बड़े भाई सुनील राघव को भी गिरफ्तार कर लिया और उसे भी जेल भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शीलेंद्र राघव को पीटकर अपराध स्वीकार करवाया। 20 दिसंबर को जब अनिल, उनके ममेरे भाई बिजेंद्र और मां जिला बुलंदशहर कारागार में शीलेंद्र और सुनील से मिलने पहुंची तब पता चला कि शीलेंद्र की तीन दिन पहले तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती है जिसके बाद परिजन शीलेंद्र से मिलने मेरठ मेडिकल पहुंचे वहां शीलेंद्र परिजनों को भी नहीं पहचान पा रहा। परिजनों का कहना है कि पुलिस की पिटाई और डर से शीलेंद्र अपना मानसिक संतुलन खो रहा है। तबियत बिगड़ने के बावजूद जेल प्रशासन ने परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी। एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि शीलेंद्र को गिरफ्तार किया गया और उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी पर दबाव बनाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। इसके बाद उसे 10-12 दिन पहले जेल भेजा गया था। तीन दिन पहले ही आरोपी की तबीयत बिगड़ी। पुलिस हिरासत में वह स्वस्थ था।
जेल में बंदी की बिगड़ी तबियत, परिजनों ने लगाए पिटाई करने व बीमारी की सूचना न देने का आरोप
RELATED ARTICLES



