बुलंदशहर, डस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के गांव चारोरा में जलभराव के बीच लोगों को अंतिम यात्रा निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा। गांव की गलियों में भरे गंदे पानी के बीच जब एक शव को अर्थी पर ले जाया गया, तो यह दृश्य न केवल ग्रामीणों के लिए पीड़ादायक था, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से जलनिकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश या पानी की निकासी रुकते ही गलियां तालाब में तब्दील हो जाती हैं। ऐसे में रोजमर्रा की जिंदगी तो प्रभावित होती ही है, लेकिन इस बार हालात इतने बदतर हो गए कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया भी इस समस्या से अछूती नहीं रही।
स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जल्द से जल्द समस्या से निजात दिलाई जाए।
गंदे पानी में उठी अर्थी: जलभराव ने खोली प्रशासन की पोल
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