बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के औरंगाबाद कस्बे में इन दिनों बंदरों का आतंक लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है। सुबह से शाम तक बंदरों के झुंड घरों की छतों, बिजली के तारों और दुकानों पर डेरा जमाए रहते हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंदर मौका मिलते ही घरों में घुस जाते हैं और खाने-पीने का सामान उठाकर ले जाते हैं। बंदरों के झुंड के चलते बच्चों और बुजुर्गों का अकेले घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि बंदर कई बार आक्रामक होकर हमला कर चुके हैं, जिसमें महिलाएं और बच्चे घायल भी हुए हैं। वहीं कस्बे की सब्जी मंडी और स्कूलों के आसपास बंदरों की संख्या अधिक होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं। वहीं, दुकानदारों को भी बंदरों से सामान बचाने के लिए लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है।
कस्बावासियों का कहना है कि बंदरों की बढ़ती संख्या के बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द अभियान चलाकर बंदरों को पकड़वाया जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान अथवा जंगल में छुड़वाने की व्यवस्था की जाए।


