बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के औरंगाबाद क्षेत्र के गांव अशरफपुर में ग्राम समाज (एलएमसी) की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दबंगों ने ग्राम प्रधान की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर कब्जा कर पक्के निर्माण कर लिए हैं। मामले में शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, अशरफपुर गांव में एलएमसी की गाटा संख्या 94, 100, 101, 106, 107, 108, 180 और 187 की भूमि पर अवैध कब्जे कर पक्के निर्माण किए गए हैं। इस संबंध में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। बताया गया कि करीब एक माह पहले राजस्व विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर संबंधित जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित गाटा नंबरों को कब्जामुक्त दर्शाते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी। हालांकि, ग्रामीण इस रिपोर्ट को मौके की वास्तविक स्थिति से अलग बता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित सरकारी भूमि पर आज भी निर्माण और कथित कब्जे मौजूद हैं। उनका आरोप है कि मौके पर स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद राजस्व विभाग की रिपोर्ट में जमीन को कब्जामुक्त दर्शाया गया। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचने पर डीएम ने कब्जा हटने की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की सार्वजनिक चकरोड़ और नाली भी अतिक्रमण की चपेट में हैं। इनका कब्जा न हटाए जाने के कारण ग्रामीणों को आवागमन के साथ-साथ जल निकासी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
औरंगाबाद: अशरफपुर में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, डीएम ने खारिज की ‘कब्जामुक्त’ रिपोर्ट
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