बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के जिला कारागार में बंद 93 वर्षीय बुजुर्ग विचाराधीन बंदी सागर की शनिवार सुबह करीब 10 बजे उपचार के दौरान मौत हो गई। सागर वर्ष 2025 से पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद थे। उनकी मौत के बाद जेल में बंद बुजुर्ग और बीमार कैदियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, नरसेना थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के मामले में सागर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ने पर जेल में उपचार दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। जेल प्रशासन ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिला कारागार अधीक्षक कोमल मंगलानी ने बताया कि बुजुर्ग बंदी की मौत बीमारी के चलते उपचार के दौरान हुई है। मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों और परिजनों को नियमानुसार दे दी गई है। मृतक के भाई श्रीपाल सिंह के मुताबिक, सागर ने वर्ष 1989 में कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर स्याना विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था।
बताया जा रहा है कि बुलंदशहर जिला कारागार में पिछले एक साल के दौरान करीब 10 बंदियों की विभिन्न कारणों से मौत हो चुकी है। ऐसे में जेल में स्वास्थ्य सेवाओं और बुजुर्ग व बीमार बंदियों की देखभाल की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है।इन मौतों के कारणों और जेल की व्यवस्थाओं के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बुलंदशहर: जेल में 93 वर्षीय कैदी की मौत
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