बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के शिकारपुर क्षेत्र की अनाज मंडी में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात जितेंद्र कुमार को मेरठ से आई एंटी करप्शन की टीम ने दस हजार रूपए की रिश्वत लेते दबोचा और अपने साथ ले गई थी। एंटी करप्शन की टीम कंप्यूटर ऑपरेटर से लगातार पूछताछ कर रही है कि किसकी सह पर उन्होंने यह रिश्वत मांगने का धंधा शुरू किया था। इसकी भी जांच जारी है। रिश्वतखोर जितेंद्र कुमार के पकड़े जाने से अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है और उनके पसीने भी छूटे हुए हैं कि कब किस भ्रष्ट अधिकारी का नाम सामने आ जाए।
आपको बता दें कि गांव सलेमपुर के रहने वाले मंडी समिति के पूर्व सफाई ठेकेदार विनोद गिरी का कहना है कि 1.20 लाख रूपए के भुगतान के बदले कृषि उत्पादन मंडी समिति शिकारपुर का कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र कुमार व मंडी सचिव अर्जुन सिंह रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने परेशान होकर मामले की शिकायत मेरठ एंटी करप्शन से कर दी जिसके बाद उन्होंने मंडी समिति कार्यालय के आसपास जाल बिछाया। इसके बाद पीड़ित ने जैसे ही 1.20 लाख रूपए रिश्वतखोर कंप्यूटर ऑपरेटर को दिए तभी एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अब सवाल यह है कि
कंप्यूटर ऑपरेटर की गिरफ्तारी से विभाग के अधिकारियों में भी खलबली मची हुई है और उनके रातों की नींद उड़ी हुई है। फिलहाल मामले में जांच जारी है।
भ्रष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र कुमार प्रकरण: अधिकारियों की उड़ी नींद व छूटे पसीने
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