बुलंदशहर, डेस्क (जययात्रा): जनपद बुलंदशहर के थाना ककोड़ क्षेत्र के मोहल्ला हीरा कॉलोनी के रहने वाले लेखपाल धर्मवीर को 28 साल बाद पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें कि सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के गांव सूबरा निवासी प्रदीप राणा का कहना है कि उनके पिता सतीश के तहेरे भाई धर्मपाल पुत्र भगवान साह की मृत्यु के बाद ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव द्वारा बनवाया गया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र 27 जून 1996 को लेखपाल ने जारी किया था। लेखपाल समेत कुछ ग्रामीणों ने साज करके फर्जी व्यक्ति का नाम वारिसान में दर्ज कर दिया था। धर्मपाल की मृत्यु 18 जुलाई 1996 को हुई थी जिसका राजफाश उनके पिता सतीश पुत्र मानक सिंह द्वारा जिलाधिकारी को जांच के लिए दिए प्रार्थना पत्र से हुआ। जांच तहसीलदार द्वारा की गई थी। जांच के आधार पर जिलाधिकारी के आदेश पर सही प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके बाद सतीश ने तत्कालीन ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व लेखपाल के खिलाफ जनपद न्यायालय में वर्ष 1996 में वाद दर्ज कराया था। वर्ष 2015 में उनके पिता सतीश की भी मौत हो गई। इसके बाद वह पैरवी करते आ रहे है। जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय लेखपाल धर्मवीर 2021 में सेवानिवृत हो चुका है। अब सवाल तो यह खड़ा होता है कि लेखपाल धर्मवीर 28 सालों तक कहा था? मामले में इतने वर्षों बाद गिरफ्तारी क्यों हुई?
28 वर्षों से कहां था आरोपी लेखपाल?
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