बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर की पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी नागरिक वासिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जो लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहा था। पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुआ हैं कि वासिद अपनी मां के साथ लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आया था। मां के निधन के बाद उसने भारत में ही रहना जारी रखा और अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवा लिए। वासिद ने फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर खुद को भारतीय नागरिक के रूप में स्थापित करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उसने आधार कार्ड में अपने पिता का नाम भी बदलकर ‘लइक’ दर्ज करा लिया, जबकि उसके असली पाकिस्तानी पिता का नाम इरशाद है, जो पाकिस्तान के निवासी हैं।
आपको बता दें कि पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी वासिद के पिता इरसाद अहमद व मां बिलकिस पाकिस्तानी नागरिक थे। आरोपी के पिता द्वारा उसकी मां को तलाक दे दिया गया था। तलाक के बाद आरोपी की मां बिलकिस अभियुक्त व उसकी तीन बहनों (शबीन इरशाद, अमरीन इरशाद व उजमा इरशाद) को लेकर वर्ष 1981 में अपनी दूर की रिस्तेदारी में थाना गुलावठी क्षेत्रान्तर्गत गांव सैठा में आ गयी थी तथा वहां पर गांव सैठा निवासी मौ० अकील से दूसरी शादी कर ली। शादी के बाद उसकी मां को लॉन्ग टर्म वीजा मिल गया था। मौ० अकील की मृत्यु शादी के 02 वर्ष बाद हो गयी थी, उसके बाद आरोपी की मां बिलकिस ने लईक अहमद से तीसरा शादी की थी तथा शादी के बाद जनपद मेरठ में रहने लगी थी तथा वर्ष 2012 में बिलकिस की मृत्यु हो गयी थी। जब आरोपी व उसकी तीनों बहने बालिग हुई तो उनके द्वारा भी लॉन्ग ट्रर्म वीजा के लिए आवेदन किया गया, जिसके बाद आरोपी की दो बहनो शबीन इरशाद व अमरीन इरशाद का लॉन्ग ट्रर्म वीजा बन गया था, लेकिन आरोपी की बहन उजमा इरशाद पर जनपद मेरठ में अवैध निवास करने के सम्बन्ध में वर्ष 2008 में थाना खरखौदा पर मुअसं-155/2008 धारा 14 विदेशी अधिनियम व आरोपी वासिद इरशाद पर भी जनपद मेरठ में थाना ब्रह्मपुरी में मुअसं-423/12 धारा 14 विदेशी अधिनियम पंजीकृत होने के कारण इनका लॉन्ग ट्रम वीजा नही बना था। आरोपी द्वारा लॉन्ग ट्रम वीजा के लिए आवेदन किया गया हैं, जो लम्बित हैं। आरोपी वासिद इरशाद उपरोक्त वर्तमान में अपनी पत्नी लुबाना व अपने दो पुत्रों एजान उम्र 17 वर्ष, फैजान उम्र 15 वर्ष व 01 पुत्री माहिम उम्र 07 वर्ष के साथ थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत मौ० सुशीला विहार भूड रोड पर रह रहा था तथा बुकिंग पर गाडी चलाता था। आरोपी की बहन उजमा की शादी वर्ष 1993 में आरिफ निवासी फैसलाबाद थाना कोतवाली नगर से हुई थी। दोनो के दो पुत्र तथा 01 पुत्री हैं। उजमा वर्तमान में बीसा कॉलोनी थाना कोतवाली नगर में रह रही हैं तथा उसकी पति आरिफ दिल्ली में रहकर कबाडी का काम करता हैं। आरोपी की दूसरी बहन सबीन की शादी वर्ष 2001 में थाना गुलवाठी क्षेत्रान्तर्गत गांव सैठा निवासी कासिम से हुई थी, दोनो के दो पुत्र व एक पुत्री हैं। कासिम जनपद मेरठ में थाना नौचंदी क्षेत्र में दूध की डेयरी चलाता है। आरोपी की तीसरी बहन अमरीन अलीजबा की शादी वर्ष 2015 में थाना गुलावठी क्षेत्रान्तर्गत गांव सैठा निवासी शादाब से हुई थी। दोनो की 01 पुत्री है। शादाब मजदूरी करता है। आरोपी द्वारा अपना नाम बदलकर वासिद अली रखा तथा अपने पिता के रुप में अपनी मां के तीसरे पति का नाम लईक अहमद रखकर फर्जी आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व पासपोर्ट बनवा लिया गया था।
बुलंदशहर: फर्जी पहचान के सहारे लंबित एल.टी.वी पर निवास कर रहा था पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार
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