बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित जनसुनवाई समन्वय शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) में माह जुलाई 2025 की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त होने पर पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि आईजीआरएस, जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर माह जुलाई 2025 में जो शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए उनका शासन की मंशानुरूप समयबद्ध विधिक निस्तारण कराया गया, जिससे आई.जी.आर.एस. पोर्टल पर प्राप्त होने वाली माह- जुलाई 2025 मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के परिक्षेत्रों की जारी की गई रैकिंग में मेरठ परिक्षेत्र द्वारा लगातार पाँचवी बार प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है।
परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को आई.जी.आर.एस. प्रणाली से प्राप्त शिकायतों का उच्चकोटि की गुणवत्ता एवं समयबद्ध निस्तारण करने व जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गम्भीरता से सुनकर शासन की मंशानुरूप पूर्ण मनोयोग से समस्याओं के विधिक निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया हैं कि पोर्टल पर प्राप्त शिकायतो की जांच हेतु सम्बन्धित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर गुणवत्ता के आधार पर जांच करे, फोन द्वारा अथवा थाने पर ही बैठकर जांच रिपोर्ट प्रेषित न करे। आईजीआरएस प्रा0पत्र की जांच आख्या अपलोड करने से पूर्व थाना प्रभारी स्वयं भी फीडबैक लेकर आख्या अपलोड कराये।
पोर्टल से प्राप्त शिकायतो व फीडबैक सम्बन्धी थानो पर बनाये गये रजिस्टरो को अद्यावधिक रखा जाए। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतो की समीक्षा प्रत्येक 15 दिवस मे नोडल अधिकारी स्वयं करे।पोर्टल पर प्राप्त शिकायत की घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति (LAT,LONG ) जांच आख्या मे उल्लेखित करे।
डीआईजी ने परिक्षेत्र के सभी जनपदो को निर्देशित किया कि जन शिकायतों का शासन की मंशानुसार प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण विधिक निस्तारण करना सुनिश्चित करें, ताकि जनता को त्वरित लाभ मिल सके। शिकायतो के समयबद्ध निस्तारण से जहां एक ओर जनता को समय से न्याय मिलता है, वहीं पुलिस के विरूद्ध आने वाली शिकायतों में भी कमी आती है।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में मेरठ रेंज ने लगातार पाँचवी बार प्राप्त किया प्रथम स्थान
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