Saturday, December 6, 2025
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फर्रुखाबाद: खुर्जा निवासी रिश्वतखोर वरिष्ठ लिपिक की संपत्ति की हो जांच


बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): फर्रुखाबाद जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा अनुभाग में तैनात वरिष्ठ लिपिक हरेंद्र चौहान ने एक हेड कांस्टेबल से यात्रा और महंगाई भत्ता पास करने की एवज में 15 हजार रूपए की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी लेते ही वरिष्ठ लिपिक हरेंद्र चौहान को विजिलेंस टीम ने पकड़ लिया था। विजिलेंस टीम के इस कार्यवाही से कार्यालय में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना एसपी आरती सिंह को लगी तो उन्होंने तत्काल वरिष्ठ लेखाकार हरेंद्र चौहान को निलंबित कर दिया।
आपको बता दें कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल आदित्य कुमार पटेल का 1.45 लाख रूपए का यात्रा और महंगाई भत्ता काफी समय से लंबित था। आरोप है कि लेखा अनुभाग का वरिष्ठ लेखक हरेंद्र चौहान भुगतान मंजूर करने के लिए 15 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। हेड कांस्टेबल आदित्य कुमार पटेल ने कई बार बिना किसी रिश्वत के भुगतान चुकाने की मांग की, लेकिन वरिष्ठ लिपिक हरेंद्र चौहान बार-बार रिश्वत की मांग कर रहा था जिससे परेशान होकर हेड कांस्टेबल ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के सीओ राजन कुमार रावत से शिकायत की। शिकायत के आधार पर विजिलेंस की छह सदस्यीय टीम का गठन किया गया। टीम ने गुरुवार को एसपी कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद हेड कांस्टेबल आदित्य कुमार पटेल को रिश्वत के 15 हजार रुपए देकर रिश्वतखोर वरिष्ठ लिपिक हरेंद्र चौहान के पास भेज दिया। जैसे ही हरेंद्र चौहान ने हेड कांस्टेबल से 15 हजार रुपए की रिश्वत अपने हाथों में ली और उन रिश्वत के और उन रिश्वत के रुपयों को गिनना शुरू किया तभी विजिलेंस विभाग की टीम ने उन्हें धर दबोचा। तत्काल हुई इस कार्यवाही से कार्यालय में अचानक भगदड़ मच गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी हरेंद्र चौहान को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस ले जाया गया जहां करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद विजिलेंस टीम अपने साथ ले गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी लिपि हरेंद्र चौहान मूल रूप से बुलंदशहर जिले के खुर्जा का रहने वाला है और वर्तमान में उसका परिवार मेरठ जिले के कृष्ण नगर में किराए के मकान में रह रहा है।
वरिष्ठ लिपिक हरेंद्र चौहान द्वारा रिश्वतखोरी का यह धंधा कितने समय से चल रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही रिश्वतखोरी से जमा की गई उनकी संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए।




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