Monday, July 13, 2026
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साइबर अपराध व वित्तीय धोखाधडी रोकने हेतु बडे कदम


बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी द्वारा भारत सरकार संचार मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ सोमवार को गोष्ठी की गई, जिसमें Department of Telecommunication के अधिकारी मौजूद रहे। जिनमें वरिष्ठ अधिकारी आदित्य सिंह, भारतीय दूरसंचार सेवा एवं DoT के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद रहे। इसमें पुलिस एवं Department of Telecom के समन्वय के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही कुछ जो विशेष इनपुट हैं, उनको भी आपस में साझा किया गया। उपरोक्त पर त्वरित कार्रवाई हेतु जनपद मेरठ एवं रेंज के अन्य अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
ज्ञात हो कि Cy-Vajra के अंतर्गत रेंज पुलिस जगह-जगह आजकल रेड/ छापामारी की कार्रवाई भी कर रही है। डीआईजी द्वारा सचेत किया जाता है कि यदि कोई फर्जी कॉल सेन्टर आदि चला रहा है तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं जो पूर्व में साइबर अपराधी रहे हैं, उनके विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए और हाल फिलहाल में जैसे कि साइबर अपराधी की गैंगस्टर में संपत्ति निरुद्ध/ कुर्क की गई थी, उसी तरह से संपत्तियां कुर्क करने के भी निर्देश दे दिए गए हैं।
Department of Telecommunication के जो प्रयास है, जैसे संचार सार्थी, CEIR, समन्वय पोर्टल, प्रतिबिम्ब पोर्टल आदि की सराहना की गई तथा और अच्छा रिजल्ट लाने के लिए अधिनस्थो को निर्देशित किया गया साथ ही सभी जनपदों को DoT से आने वाले प्रत्येक पत्र की अलग से पत्रावली बनाने एवं उस पर समय से कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया गया है।
वर्तमान में कृत कार्रवाई के क्रम में आंकड़े निम्न अनुसार हैं।
ऑपरेशन Cy-Vajra के अन्तर्गत विगत 05 दिवस में चैक विड्रॉल, एटीएम कैश आउट, म्यूल अकाउन्ट, संदिग्ध मोबाइल, सिम बॉक्स* के प्रकरणो में मेरठ रेंज में 435 शिकायतो का निस्तारण किया गया है, जिनमें 77 एफआईआर दर्ज कर 65 अभियुक्तो को गिरफ्तार/ नोटिस तामील कराया गया है ।
इसी क्रम में बड़ी कार्यवाही करते हुए गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत साइबर अपराधी की 03 करोड़ की सम्पत्ति कुर्क/ जब्त की गई है तथा साइबर ठगी की धनराशि बैंक खाते में प्राप्त कर चैक के माध्यम से निकालने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया एवं 05 लाख रूपये की बरामदगी की गई।
जनपद मेरठ-* कुल निस्तारण 75, एफआईआर 26, गिरफ्तारी/ नोटिस 36
जनपद बुलन्दशहर-* कुल निस्तारण 298, एफआईआर 47, गिरफ्तारी/ नोटिस 19
जनपद बागपत-कुल निस्तारण 24, एफआईआर 02, गिरफ्तारी/ नोटिस 09
जनपद हापुड़- कुल निस्तारण 38, एफआईआर 02, गिरफ्तारी/ नोटिस 01
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) द्वारा साइबर क्राइम और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई बड़े और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

कानूनी और नियामक ढांचा (TCS Rules, 2025)- टैलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (संशोधन) नियम, 2025: इसके तहत वित्तीय और डिजिटल सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों की सत्यता जांचने के लिए एक विकेंद्रीकृत और सुरक्षित मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है।
TIUEs पर नियंत्रण: सोशल मीडिया, फिनटेक और ई-कॉमर्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म (TIUEs) को इसके दायरे में लाकर संदिग्ध पाए जाने पर बिना पूर्व सूचना के उनके टेलीकॉम आइडेंटिफायर्स को तुरंत सस्पेंड करने का अधिकार दिया गया है।2. डिजिटल प्लेटफॉर्म और टूल्स-संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल व ऐप: इसके माध्यम से आम नागरिक अपने नाम पर चल रहे कनेक्शनों की जांच कर सकते हैं और चोरी या खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक कर सकते हैं। अब तक करोड़ों संदिग्ध नंबर बंद किए जा चुके हैं।
चक्षु (Chakshu) फैसिलिटी: इसके जरिए नागरिक बैंक केवाईसी फ्रॉड, सरकारी अधिकारी बनकर ठगने (इम्पर्सनेशन), सेक्सटॉर्शन या फर्जी लॉटरी जैसे संदिग्ध कॉल्स, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों की तुरंत रिपोर्ट कर सकते हैं।3. डिवाइस स्क्रबिंग और डार्क मार्केट पर रोक- रीसेल डिवाइस स्क्रबिंग: सेकंड हैंड मोबाइल बाजार में चोरी या क्लोन किए गए फोन की रीसेल रोकने के लिए, डीलरों को अब डिवाइस को रीसेल करने से पहले उसके IMEI नंबर को ब्लैकलिस्टेड डेटाबेस से मैच और क्लीन (Scrub) करना अनिवार्य कर दिया गया है।

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