बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद थाना प्रभारी समेत सात पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसी के साथ डीआईजी मेरठ रेंज ने एसएसपी को निर्देशित किया है कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें। अधिकारी द्वारा की गई निलंबन की कार्यवाही से पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।
आपको बता दें कि सिकंदराबाद क्षेत्र के निवासी ने एक मई को डीआईजी मेरठ रेंज को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा था। पीड़ित का आरोप था कि थाना प्रभारी नीरज मलिक, उपनिरीक्षक अरुण कुमार, आरक्षी योगेश और चार-पांच अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे अकारण परेशान किया। पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिसकर्मी उसे जबरन थाने ले गए और वहां छोड़ने के बदले पैसों की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने साक्ष्यों के साथ जांच की गुहार लगाई थी। डीआईजी ने संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सिकंदराबाद, भास्कर मिश्रा को तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। सीओ की प्रारंभिक जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई और शिकायतकर्ता के आरोपों में सत्यता मिली। रिपोर्ट मिलते ही डीआईजी ने कड़ा रुख अपनाया और थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरुण कुमार, उपनिरीक्षक अमित कुमार (चौकी प्रभारी जेल), मुख्य आरक्षी योगेश कुमार, आरक्षी प्रवेश बैसला, आरक्षी सुमित और आरक्षी विपुल कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
सिकंदराबाद: डीआईजी मेरठ रेंज ने थाना प्रभारी समेत 7 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
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