बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के थाना शिकारपुर क्षेत्र के गांव शिवनगर धूंसरी निवासी सिपाही विवेक कुमार शाहजहांपुर जिले के थाना जैतीपुर में तैनात था जिसे एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। सिपाही अब जेल में बंद है। जो अब जेल से बाहर आने के लिए तड़प रहा है।
आपको बता दें कि बुलंदशहर के थाना शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शिवनगर धूंसरी निवासी 33 वर्षीय विवेक कुमार पुत्र प्रेम सिंह शाहजहांपुर जिले के थाना जैतीपुर में तैनात था। महज डेढ़ महीने पहले ही सिपाही विवेक कुमार को यूपी पुलिस में तैनाती मिली थी। यहां आते ही सिपाही विवेक कुमार ने रिश्वत का कारोबार शुरू कर दिया और हत्यारोपियों से भी रुपए ऐंठने शुरू कर दिए। एक मामले में सिपाही विवेक कुमार ने हत्यारोपियों को फोन कर रिश्वत का दबाव बनाया। हत्यारोपियों ने परेशान होकर मामले की शिकायत बरेली एंटी करप्शन से कर दी। इसके बाद हत्यारोपी ने 11 जून 2026 को सिपाही विवेक कुमार को फोन किया जिसके बाद रिश्वतखोर सिपाही विवेक कुमार ने हत्यारोपी को जैतीपुर थाने स्थित अपनी बैरक में बुला लिया। हत्यारोपी ने जैसे ही बैरक में आकर भ्रष्ट सिपाही विवेक कुमार को 35 हजार रूपए की रिश्वत दी तभी बरेली से आई एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद बरेली के एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल ने रिश्वतखोर सिपाही विवेक कुमार को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गए। रिश्वत के रुपयों से लग्जरी लाइफ जीने वाला नया नवेला सिपाही अब जेल से बाहर आने के लिए बेचैन है। डेढ़ महीने में बना सिपाही विवेक कुमार की संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए।
जेल से बाहर आने के लिए तड़प रहा हैं बुलंदशहर निवासी रिश्वतखोर सिपाही
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