बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): बुलंदशहर में सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में प्रसारित हो रही कुछ खबरों को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। एसएसपी ने कहा कि कुछ खबरों में तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया और वर्ष 2021 के एक मामले तथा अगस्त 2026 में हुई दुर्घटना के प्रकरण को एक साथ जोड़कर प्रसारित किया जा रहा है।
एसएसपी के मुताबिक, वर्ष 2021 में थाना खुर्जा नगर क्षेत्र में एक मामला सामने आया था, जिसके संबंध में थाना खुर्जा नगर पर मु0अ0सं0 55/21, धारा 452, 323, 504, 506 और 354 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था और मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
वहीं, दूसरा प्रकरण 19 अगस्त 2026 को हुई एक दुर्घटना से संबंधित है। एसएसपी ने बताया कि दुर्घटना में वादिनी को सामान्य चोटें आई थीं। इस मामले में थाना खुर्जा नगर पर मु0अ0सं0 915/26 दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद इस मामले में भी आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया है।
एसएसपी ने विशेष रूप से उस दावे को भ्रामक बताया, जिसमें कहा जा रहा था कि दुर्घटना के समय वादिनी की डायल-112 पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने दुर्घटना कारित करने वाले व्यक्ति को हिरासत में ले लिया था, लेकिन इसके बावजूद मुकदमा अज्ञात में दर्ज किया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि थाने पर वादिनी द्वारा स्वयं के हस्तलेख में दी गई तहरीर में किसी व्यक्ति का नाम अथवा किसी वाहन का उल्लेख नहीं था। पुलिस के अनुसार एफआईआर प्राप्त तहरीर में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही दर्ज की जाती है और उसमें पुलिस की ओर से अपनी तरफ से कोई तथ्य नहीं जोड़ा जाता।
एसएसपी ने बताया कि घटना के समय पीआरवी द्वारा संबंधित व्यक्ति को अपने साथ लिया गया था। इसके बाद उसी दिन उसकी पहचान और पते का सत्यापन किया गया तथा विवेचना के दौरान नियमानुसार धारा 35(3) बीएनएसएस का नोटिस तामील कराया गया। मामले में अपेक्षित वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद विवेचना समाप्त कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में की जा रही टिप्पणियों के संबंध में 30 सितंबर 2026 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश का अवलोकन करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उक्त आदेश में न्यायालय द्वारा ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की गई है, जैसी कुछ स्थानों पर प्रसारित की जा रही है।
एसएसपी ने लोगों से अपील की कि किसी भी मामले से संबंधित खबर प्रसारित करने से पहले तथ्यों और आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें, ताकि भ्रामक जानकारी से बचा जा सके।
बुलंदशहर: भ्रामक खबरों पर बोले एसएसपी, “दो अलग-अलग मामलों को जोड़कर किया प्रकाशित”, जानिए पूरा मामला
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