बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के थाना सिकंदराबाद पुलिस ने एक दुकानदार को जबरदस्ती उठा लिया और उससे ₹20 लाख मांगे वरना झूठे मुकदमे फंसाने की धमकी दी जिसके बाद पीड़ित ने दबाव में आकर ₹6 लाख रुपए मंगवा दिए। इसके बाद पुलिस वालों ने उसे छोड़ दिया और धमकी दी कि किसी को बताया तो जिंदा नहीं रहेगा, झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। पीड़ित की तहरीर के आधार पर जांच हुई जिसके बाद सिकंदराबाद पुलिस ने थाना सिकंदराबाद के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक, तत्कालीन उप निरीक्षक अरुण कुमार, कांस्टेबल योगेश और चार पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सलमान पुत्र हनीफ खान निवासी मोहल्ला रिसालदान थाना सिकंदराबाद जनपद बुलंदशहर ने बताया कि 30 अप्रैल 2026 को करीब 8:30 बजे गुलावठी टोल प्लाजा से सिकंदराबाद पुलिस ने उसे उठाया और थाना सिकंदराबाद ले गए जहां उससे 20 लाख रुपए की मांग की। वरना झूठे मुकदमे फंसाने की धमकी दी। उसे गंदी-गंदी गाली दी और इतना मारा कि पीड़ित दबाव में आ गया। उसके बाद उसने अपने घर से रात के समय छह लाख रुपए मंगवाकर पुलिस वालों को दिए। इसके बाद अगले दिन तड़के 3:00 बजे पुलिस वालों ने पीड़ित को छोड़ा। सलमान पुलिस वालों के अत्याचार से परेशान होकर शीर्ष अधिकारियों के पास पहुंचा जिसके बाद जांच हुई और जांच के आधार पर तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक, तत्कालीन दरोगा अरुण कुमार, कांस्टेबल योगेश, चार अन्य पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अवैध रूप से छह लाख वसूलने के मामले में तत्कालीन निरीक्षक, दरोगा समेत सात पर मुकदमा
RELATED ARTICLES


