बुलंदशहर, डेस्क (जय यात्रा): प्रदेश में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बुलंदशहर सहित आठ जिलों के 17 अस्पतालों में मॉडयूलर ऑपरेशन थियेटर (ओटी) बनाई जाएंगी। ये मॉडयूलर ओटी किसी अस्पताल में एक तो किसी में दो बनेंगी। कुल 27 ओटी के लिए शासन की ओर से 29.55 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके बनने के बाद मुख्य रूप से ट्रामा केयर को सेवाएं बेहतर होंगी।
प्रदेश सरकार की ओर से टामा सेंटरों को विभिन्न सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। द्रामा केयर अंडर स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट (एसएएससीआई) के तहत इन अस्पतालों में मॉडयूलर ऑपरेशन विएटर बनाने का निर्देश दिया गया था। इसके तहत शासन की ओर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आठ जिलों के अस्पतालों को वरीयता के क्रम में मॉड्यूलर ओटी बनाया जा रहा है। ये ऐसे अस्पताल हैं, जहां ट्रामा के केस ज्यादा आते हैं। शासन की ओर से अस्पतालों के हिसाच से मॉड्यूलर ओटी के लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृत दी गई है।
किस अस्पताल में कितनी ओटीः
बुलंदशहर- संयुक्त चिकित्सालय सिंकराबाद में एक
गाजियाबाद- संजय नगर स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में दो, ट्रामा सेंटर में एक, 100 बेड के एमसीएच विंग में दो, लोनी स्थित 50 बेड के संयुक्त चिकित्सालय में एक
गौतमबुद्ध नगर- भगेल स्थित 50 बेड के एमसीएच विंग में एक।
हापुड़- जिला अस्पताल में दो, गढ़मुक्तेश्वर के ट्रामा सेंटर में एक।
मेरठ- प्यारेलाल जिला अस्पताल में दो. किठौर के चिकित्सालय में एक।
बागपत- जिला चिकित्सालय में दो. एमसीएच विंग में दो।
मुजफ्फरनगर- जिला अस्पताल में दो, (महिला) में दो, दो, 100 बेड एमसीएच विंग में दो, खतौली के ट्रामा सेंटर में एक।
शामली- जिला संयुक्त चकित्सालय में दो।
मॉड्यूलर ओटी का लाभ
सामान्य ऑपरेशन थियेटर की अपेक्षा मॉड्यूलर ओटी में अत्याधुनिक सुविधाएं होती हैं। इनमें संक्रमण नियंत्रण के लिए लेमिनर एयरफ्लो सिस्टम, हेपा फिल्टर होते हैं। इन्हें रोगाणुरोधी तैयार किया जाता है। ये मरीजों और कर्मचारियों के लिए अधिक सुरक्षित मानी जाती हैं।