बुलंदशहर, डस्क (जय यात्रा): जनपद बुलंदशहर के थाना अहमदगढ़ क्षेत्र के गांव नौरंगाबाद जगदीशपुर में 31 जुलाई को हुई मारपीट के मामले में घायल युवक धर्मवीर उर्फ डीपी की मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर व दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों द्वारा की गई इस कार्यवाही से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
आपको बता दें कि एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि 31 जुलाई को नौरंगाबाद जगदीशपुर गांव में एक परचून की दुकान के पास कुछ युवक शराब पी रहे थे। दुकानदार द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। इसी दौरान वहां मौजूद धर्मवीर उर्फ डीपी ने बीच-बचाव करते हुए विरोध किया, जिससे नाराज युवकों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। मारपीट के दौरान धर्मवीर के सिर में गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत देखते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने एक नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। धर्मवीर की मौत के बाद मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ दी गई हैं।
एसपी देहात ने बताया कि मुख्य नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, कुछ अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वाट टीम सहित तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया है। मामले में पुलिस स्तर पर बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने अहमदगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक विशंभर दयाल गंगवार को समय पर उचित कार्रवाई न करने और घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों से छिपाने के आरोप में तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इसके अलावा, उपनिरीक्षक मनीष और उपनिरीक्षक सतीश को भी लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मारपीट के मामले में घायल युवक की मौत के बाद थाना प्रभारी लाइन हाजिर व दो उपनिरीक्षक निलंबित
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